Popular posts from this blog
उपन्यास
उपन्यास के तत्त्व : अधिकतर विद्वानों ने उपन्यास के प्रमुख छः : तत्त्व माने हैं । ( १ ) कथानक / कथावस्तु ( २ ) पात्र / चरित्र - चित्रण ( ३ ) कथोप कथन / संवाद ( ४ ) देशकाल / वातावरण ( ५ ) भाषा - शैली ( ६ ) उद्देश्य । ( १ ) कथानक : कथानक किसी भी उपन्यास का पहला और सबसे महत्वपूर्ण तत्त्व है । अंग्रेजी में इसे “ प्लॉट कहते हैं । विविध घटनाओं के संयोजन को कथानक कहते हैं । डॉ . प्रतापनारायण टंडन के शब्दों में कहे तो - कथानक घटनाओं का वह साधारण या जटिल ढाँचा है , जिसके ...
नाटक और एकांकी में अंतर
1 . नाटक में अनेक अंक होते हैं जबकि एकांकी में केवल एक अंक पाया जाता है। 2. डॉ . रामचरण महेंद्र के अनुसार एकांकी न तो बडे नाटक का संक्षिप्त रूप है , न कहानी , संभाषण। अतः नाटक प्रबंध काव्य या महाकाव्य के समान विस्तृत है , तो एकांकी मुक्तक के समान है। 3. नाटक में पात्रों के चरित्र चित्रण या उनके विकास के लिए पर्याप्त दृश्य और समय होता है। इसके विपरीत एकांकी में चरित्र के विकास या विस्तार की गुंजाईश नहीं होती। अतः पात्रों का चरित्र चित्रण एकाकी और एकपक्षीय होता है। 4. नाटक में कथावस्तु के विकास में कई मोड हो सकते है। जबकि एकांकी में भाव , प्रभाव , तीव्रता , गत्यात्मकता , संकलन - त्रय की योजना अनिवार्य है। 5. नाटक में गति विकास धीमा होता है जबकि एकांकी आरंभ होते ही चरम परिणति की ओर द्रुत गति से भागना प्रारंभ करती है। 6. नाटक प्रायः दो , ढाई से लेकर तीन घं...




Comments
Post a Comment